April 16, 2024

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भारत के संविधान को अपने हाथों से किसने लिखा था जानिए ऐसे ही और रोचक तथ्य

शाहिद अंसारी संवाददाता (9811333450)
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संविधान के लिखित दस्तावेजों के पन्नों को शांति निकेतन के नंदलाल बोस और उनकी टीम ने अपनी कला से सजाया था. इन कलाकृतियों में देश के इतिहास को समेटने की कोशिश की गई है. 26 नवंबर है और इस दिन को हर साल संविधान दिवस (Constitution Day 2021) के रूप में मनाया जाता है. आसान भाषा में बताएं तो संविधान किसी भी देश के संचालन के लिए जरूरी नियमों, सिद्धांतों को कहा जाता है. बता दें कि 26 नवंबर, 1949 को ही संविधान को अपनाया गया था और 26 जनवरी 1950 को इसे देशभर में लागू किया गया था. डॉ. भीमराव अंबेडकर को Father of Indian Constitution कहा जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे संविधान को किसने लिखा था और वह भी अपने हाथों से. जी हां, हमारा संविधान (Constitution) हाथों से लिखा गया है और यह दुनिया का सबसे बड़ा हाथों से लिखा गया संविधान है.

हमारा संविधान प्रेम बिहारी नारायण रायजादा (Prem Bihari Narayan Raijada) ने लिखा है. वह एक कैलिग्राफी आर्टिस्ट थे. 1901 में दिल्ली में पैदा हुए प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने संविधान लेखन के लिए एक भी पैसा नहीं लिया था. हालांकि रायजादा ने संविधान लिखने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के सामने एक शर्त रखी थी. इस शर्त के मुताबिक संविधान के हर पेज पर उनका नाम लिखा होगा और संविधान के आखिरी पेज पर उनका और उनके दादा का नाम लिखा जाएगा. पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उनकी ये शर्त मान ली थी.
संविधान के लिखित दस्तावेजों के पन्नों को शांति निकेतन के नंदलाल बोस और उनकी टीम ने अपनी कला से सजाया था. इन कलाकृतियों में देश के इतिहास को समेटने की कोशिश की गई है. बता दें कि संविधान को अपनी कला से सजाने वाले नंदलाल बोस ने ही देश का सबसे सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न और पद्मश्री को भी डिजाइन किया था.

भारतीय संविधान को बनाने में संविधान सभा को करीब 3 साल (दो साल, 11 महीने और 17 दिन) का समय लगा था. इसे अंग्रेजी और हिंदी में लिखा गया था. संविधान की असली प्रति संसद भवन की सेंट्रल लाइब्रेरी में रखी है. इस प्रति को हीलियम गैस के चैंबर में रखा गया है ताकि यह खराब ना हो. 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाने के दो माह बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान देश में लागू किया गया था. दरअसल इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 में पहली बार ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी. इसी दिन के सम्मान में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया.


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